आशुपुराण

ख़्यालों पर अब बंदिशें लगने लगी हैं।

  • नई राह

    ये नया सफ़र अँधेरों से शुरू करना होगा तुझे.. गिरके संभालना और फिर से चलना होगा तुझे… #आशु Read more

  • मेरी आकांक्षा

    तुम रोज मेरा सब्र आजमाते हो, क्यूं नहीं, यूं ही अपना प्यार जताते हो! Read more

  • मेरी आँखो ने नकार दिया है लफ्जों को.. अब न दिल कुछ समझता है न मिरा दिमाग.. Read more

  • निशा

    अधूरे से दिल भी धड़कते हैं उम्र भर, चाहे किसी की याद में या फिर किसी फ़रियाद में… #आशु Read more

  • वो जो मासूमियत लिए चलते है, लोगों की चलाकियों का शिकार होते रहते है… #आशु Read more

  • जिसे मैंने देखा भी नहीं, जाना ही नहीं हाँ मेरे लफ्जों का दिल धड़कता है उसके लिए… #आशु Read more

  • मेरी मोहब्बत का किताब है इस कदर लिखी हुई.. पन्ने पन्ने पर इश्क, शब्द शब्द पर तुम, और लफ्ज लफ्ज पर चाहत.. #अश्विनीशा Read more

  • आकांक्षा

    जब तुम्हारा प्रेम भावनाओं से ओत प्रोत होकर मेरी आँखों के गोद में, अनेक रात… ठहरता है तब तेरी चेतना मेरी आँखों से बूँद बूंद कर लुढ़कने लगता है और वही बूँदे… पंक्तिबद्ध होकर शब्दों के रुप में पन्नों पर उतरकर प्रेम कविता बन जाता है…!! शुभोदयम् #आशुपुराण Read more

  • मन में सहज भाव का अभाव है आज… Read more

  • भाव

    ख़ैर किसीपर टिका टिप्पणी क्या करूँ…? मैं भी कहाँ पूर्ण ‘विरागी’ भाव रखता हूँ… Read more

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