आशुपुराण

ख़्यालों पर अब बंदिशें लगने लगी हैं।

  • अहम को जान लेना!

    बिहार के छोटे गांव एकमा से छोटे शहर खगड़िया और फिर छोटे शहर से दिल्ली महानगर तक के सफर को आसानी से देख नहीं पाता, कितना महसूस किया और क्या अनदेखा हुआ, ये समय धीरे धीरे अतीत को खंडन कर वर्तमान में घुल मिल जाना चाहता है। हम क्या पा चुके हैं और क्या खोज… Read more

  • २.०

    तुम कोई ख्वाब हो तो जिन्दगी नींद हो जाये… कुछ किस्से उतरते हैं जुगनू बनकर और फिर रातभर दौर चलता है…जलने -बुझने का ! सुनो …मेरी नींदों की उधारी है तुम पर !! Read more

  • १.०

    हम सब कालखण्डों में विभाजित इतिहास हैं…वर्तमान हमारा भरम है । Read more

  • पागलपन

    लोग आपके प्रेम को आपका पागलपन समझते हैं , पागल बनाने को दुनियादारी …. प्रेम में ये दुनियादारी कैसे निभाते हैं लोग ?? Read more

  • इंद्रधनुष

    हर साँसों में बिखेर दूँ तेरी रंगत, ताकि मुझमें तु भी इंद्रधनुषी लगे… Read more

  • राधाकृष्ण

    तुने चांद की रोशनी से उबटन लगाकर, आंखों पे मध्धम सी किरने लगाकर, राधा और कृष्ण का प्रेम जगाया 😍 Read more

  • खाब

    रात की स्याही को फिर उजाला सोख जाएगा.. तुम फिर नही आओगे फिर ख़्वाब टूट जाएगा #आशु Read more

  • वक़्त ने बीतना होता है , बीत जाता है। हम तारीखों को ढोते हैं और समय हमारी कलाईयों पर बंधे रहने का भरम देते हुए हमें कहीं पीछे छोड़ जाता है। आगे बढ़ना भी कहाँ हो पाता है। जो पीछे छूट गया वो भला था या बुरा था जैसा भी रहा गुज़र गया……. कुछ सीखा… Read more

  • मैं और तुम..

    बे-हद बर्बाद हैं हम..फिर भी गज़ब करते हैं, रूठते हैं, मनाते हैं फिर भी सबर करते हैं, समझ आए न आए ये सिलसिला तेरे साथ, रहते हैं तेरे दिल में और घर करते हैं। #आशु Read more

  • इबादत

    स्थिति, परिस्थिति, अवस्था हमारी, हृदय को मेरे आकांक्षा तुम्हारी , संवरना बिगड़ना सब रहेगा जारी। रेशम सी चाल और आफत सी हरकतें तुम्हारी, उधेड़बुन की नई राह पर.. रब से करूंगा इबादत तुम्हारी।। #आशु Read more

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