आशुपुराण

ख़्यालों पर अब बंदिशें लगने लगी हैं।

जिसे मैंने देखा भी नहीं, जाना ही नहीं
हाँ मेरे लफ्जों का दिल धड़कता है उसके लिए…

#आशु

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