आशुपुराण

ख़्यालों पर अब बंदिशें लगने लगी हैं।

मेरी मोहब्बत का किताब है
इस कदर लिखी हुई..
पन्ने पन्ने पर इश्क,
शब्द शब्द पर तुम, और
लफ्ज लफ्ज पर चाहत..

#अश्विनीशा

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