आशुपुराण

ख़्यालों पर अब बंदिशें लगने लगी हैं।

  • आकांक्षा

    सुरमा, काजल से मुकर जाऊंगा, तेरी आंखों में रहके संवर जाऊंगा.. #आशु Read more

  • आकांक्षा

    आज तुम्हारा मजदूर हुआ जाता हुं, आज तुम्हे पन्नों पर सहेज लूंगा.. जो लिखते लिखते गर पन्ना मुकर जाए पलटने से, तुम्हें आंखों में बंद, धड़कनों में समेट लुंगा। #आशु Read more

  • तबीयत

    घर में दर्द का माहौल सा क्यूं है.. कोई गूंजा सा, कोई खामोश क्यूं है.. शीशिर के जाने की खबर तो हो, दुआओं और दवाओं में असर तो हो। आस पास हम जाल बनाते, तुम तक तुम संग आस लगाते। उचट उचट कर देख न पाते, ट्वीट से ट्विटी तुम बन जाते.. #गेटवेलसून #ट्विटी #आशु Read more

  • तबियत

    आते-जाते ये जो उचटती सी नज़र डालती हो..मुझपे, ‘बुहार’ ले जाती हो मुझे भी तुम ‘पूरा’..अपने साथ. ‘अभी तो यहीं था’-कह के कुछ लोग मुझे खोजा करते हैं.. देर तलक फिर..उसके बाद. #अरुणस्पर्श #आशु Read more

  • घर

    तुम जहां भी हो, करीब आओ.. घर से इश्क़ है पता तो चले! #आशु Read more

  • अधूरे

    बहुत कुछ पा लिया लेकिन अधूरापन नहीं भरता किसी से ऊब जाते हैं, किसी से मन नहीं भरता #आशु Read more

  • मैं चाहता हूँ ख़ुद को पढ़ना तुम्हारे शब्दों में, सुनो , तुम लिखते क्यूँ नहीं मुझे पन्नों पर.. #आशु Read more

  • ‘ईश्वर’ और ‘प्रेम’ परिभाषाओं से परे होते है..इन्हें शब्दों में अंकित करने के सबों के सभी प्रयत्न विफल ही होते है! ‘ईश्वर’ और ‘प्रेम’ सर्वत्र है। Read more

  • प्रेम में होना..

    “प्रेम में होना”…यह मन व आत्मा की वो अवस्था है..जिस’में आप चाहकर भी कुछ बुरा नही कर सकते..आपका ईश्वर आपको बुरा करने ही नही देता..! यूं तो ईश्वर की आराधना करते है सभी, समझता कौन है इसे..? #ValentineSpecial Read more

  • 😉

    जिन्हें मेरे होने न होने से रत्ती भर फर्क नहीं पड़ता उनकी फिक्र दिन रात किए जाता हूँ मैं… Read more

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें