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कुदरत के सारे रंग तुम्हारी हंसी को मिले, और ढ़ेरों स्नेह आसमां से तुम्हारे दिल पर बरसे.. चारुचंद्र की चंचल किरणें, जिंदगी को रौशन कर दे। सोने जैसा दिल रखने वाली निशा.. जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं! #आशु Read more
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ना ठहरे यहां मेरे इश्क़ में, तो क्या हुआ.. दिल्ली से दूर, छांव इश्क़ का किसी और ने सम्हाला होगा.. मेरी फितरत, तेरी रंगत को छुने की थी.. कब से मजबूर.. वो तेरे संग को संजोया होगा.. #आशु Read more
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वक़्त कहाँ रुकता है किसी के लिए और अगर रुक भी जाये तो कौन ठहरता है उस वक़्त के लिए ? कभी वक़्त को हमारे लिए फुरसत नहीं और कभी हमें वक़्त का इंतज़ार करना नहीं आता……. हम सब ठेले जाते हैं ,कभी इसके मन से तो कभी उसके मन से !! एक रोज़ दिल्ली… Read more
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कुछ शाम अधूरी क्यूं रह जाती है? अब बोरिंग दिन ढल तो जाता है पर शाम को उदासीन छोड़ जाता है। तुम्हारे जाने के बाद यहाँ ना कुछ बोला गया और ना ही सुना गया.. कितनी तन्हा सी बिखरी पड़ी है मेरे कमरे की ये ख़ामोशी.. लोग तो हैं पर लफ्ज़ नहीं.. अब तो दिल… Read more
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सिरहाने अधखुली खिड़की से बूंदों के छीटें उड़ाती है, ये रात की बारिश भी इश्क़ सी नजर आती है । #आशु Read more
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🤠🤫😡🤢🤕😵🤪😳🤧 एक मन है जो तुममे लिन है एक दिल है जो शून्य है.. एक जज्बात है जो भरा पड़ा है, एक एहसास है जो बेचैन है। एक दर्द है जो बेहिसाब है, एक शब्द है जो मौन है.. एक तन्हाई है जो तुमसे भरी हुई है एक भीड़ है जो खाली रहता है। #आशु Read more
