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प्रिय आकांक्षा, प्रेम का यदि रिश्ता, आकार और समय निश्चित हो जाये तो वह प्रेम नही रहता केवल एक विषय वस्तु बनकर रह जाता है, अतएव प्रेम को निराकार, नि:स्वार्थ ही रहने दो प्रकृति की तरह और रंगहीन रहने दो जल की तरह। जीवन तो एक ही है, वो भी अपना नहीं रह पाता.. कुछ… Read more
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एक दिया ऐसा भी हो, जो भीतर तलक प्रकाश करे.. सबकी नफरतों में इश्क से उजाला भर दे, एक दिया जो भेद मिटा दे, क्या तेरा, क्या मेरा, सब अपना ले। एक दिया जो याद दिलाए, हर रात के बाद सवेरा है। #शुभ दीपोत्सव। #आशु Read more
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आकांक्षा, जिंदगी को साझा करने का शुक्रिया! ऐसे चंद पल जो तुम्हारे साथ होते हैं, इस दम घोटूं हवा में आॅक्सीजन का काम करते हैं। यूं तो सफर अनोखा है हमारा.. कोई अधिकार नहीं, कोई प्रतिकार भी नहीं, जो मेरा है ही नहीं ,उससे शिकायतों का व्यवहार भी नहीं, जिंदगी से रिश्ते की ये शर्त… Read more
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मन नीले जादू से सरोबार है…उसका कोट और कोट की जेब में सलीके से रखा रुमाल … बालों में भरी चांदी और हाथों में सम्हाल हुआ सोना , वो लाखों दुआओं से गढ़ा हुआ शख्स है … वो अपने कंधे पर हजारों की उम्मीदें लिए ऐसे मुस्कुरा रहा है जैसे कोई बच्चा मुट्ठी में चांद… Read more
