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मुझमें कुछ भी ख़ास नहीं सिवा इसके .. कि मुझे इक अजनबी शहर में.. तेरे दिल ने मेरी धड़कनों का घर बसाया है। ।। शुभोदयम् ।। Read more
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मुझमें कुछ भी ख़ास नहीं सिवा इसके .. कि मुझे इक अजनबी शहर में.. तेरे दिल ने मेरी धड़कनों का घर बसाया है। ।। शुभोदयम् ।। Read more
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बागी सी मेरी धड़कनों को अपने मुहब्बत की जंजीरो में कस लो ना, एकटक देखती मेरी निगाहों में सुकून की नींद बनकर समा जाओ ना। #आशु Read more
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साल फिर गुज़र जाएगा.. बात वहीं का वहीं रह जाएगा, ना तुम यहां हो , न मैं वहां.. बात फिर कल पर मुकर जाएगा.. Read more
