आशुपुराण

ख़्यालों पर अब बंदिशें लगने लगी हैं।

  • मुझमें कुछ भी ख़ास नहीं सिवा इसके .. कि मुझे इक अजनबी शहर में.. तेरे दिल ने मेरी धड़कनों का घर बसाया है। ।। शुभोदयम् ।। Read more

  • आकांक्षा

    वही जो हर बात तुमसे अधूरी रह जाती है.. हम जिसे हासिल न कर सकें फिर भी खोने से डरें ….. वही तो इश्क़ है। तुम्हारा होना मुझे तुम्हे पाने से ज्यादा सुकुन दे जाता है। मै तो हमेशा की तरह इमानदार होना चाहता हूं, तुम्हारी अदाएं जो मुझसे हर बार बेइमानी करवा देती है।… Read more

  • मुझमें कुछ भी ख़ास नहीं सिवा इसके .. कि मुझे इक अजनबी शहर में.. तेरे दिल ने मेरी धड़कनों का घर बसाया है। ।। शुभोदयम् ।। Read more

  • मेरी आकांक्षा

    बागी सी मेरी धड़कनों को अपने मुहब्बत की जंजीरो में कस लो ना, एकटक देखती मेरी निगाहों में सुकून की नींद बनकर समा जाओ ना। #आशु Read more

  • सर्द रात

    शिशिर ऋतु ने केवल तन को जमा रखा है, कितने कल्प बीत गए, परंतु अंत:मन और ह्रदय के ग्रीष्म दाह तुम पर झुलस रहे हैं.. Read more

  • शेखर-लता

    तुम्हे देखता हूँ तो स्तब्ध सा होता हूँ हाँ अनायास ही इतना आकर्षित होता हूँ जैसे अपना कोई अनुबन्ध हो पूर्व जन्म का जैसे कोई शाश्वत सम्बन्ध हो आत्मा से आत्मा का.. Read more

  • निशा

    ये तो तारीख है, बदलती रहती है.. तुम कैसे बदल गए? #आशु Read more

  • अलविदा 2018

    साल फिर गुज़र जाएगा.. बात वहीं का वहीं रह जाएगा, ना तुम यहां हो , न मैं वहां.. बात फिर कल पर मुकर जाएगा.. Read more

  • आकांक्षा

    तू सागर है या दरिया.. क्यूं डूबा जाता हूं तुझमें.. Read more

  • प्रेम

    रखो अपना देह तुम पास अपने… क्या प्रेम से भरा अपना हृदय दोगी मुझे… मेरी यात्रा शून्य कहाँ होती है… तुम्हारी स्मृतियाँ मेरे साथ सदैव चलती है… #ट्वीटी Read more

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